देवकली : सम्राट अशोक जयंती समारोह का हुआ आयोजन, मौर्यवंश के गौरवशाली इतिहास पर हुई चर्चा



देवकली। सम्राट अशोक जयंती समारोह का आयोजन देवकली में किया गया। जहां उप्र सहकारी आवास निगम के चेयरमैन आरपी कुशवाहा ने कहा कि मौर्य, कुशवाहा समाज का इतिहास काफी गौरवशाली रहा है। कहा कि इस वंश में अनेक सम्राट, संत व समाज सुधारक पैदा हुए हैं, जिन्होंने देश व विदेश में मानवता का संदेश दिया। कह कि जो समाज अपने इतिहास को भूल जाता है, वो विकास की दौड़ में पिछड़ जाता है। कहा कि आज कुशवाहा समाज दिशाहीन होकर अपने अतीत को भूल गया है और यही समाज के पिछड़ने का प्रमुख कारण है। युवा नेता राजेश कुशवाहा ने कहा कि सम्राट अशोक का जन्म आज ही के दिन ईसा पूर्व 302 में हुआ था। हमारे देश की पहचान अशोक स्तंभ से है और यही हमारे देश का राष्ट्रीय चिह्न है। कहा कि दुनिया का प्रथम विश्वविद्यालय सम्राट अशोक ने पाटलीपुत्र पटना में बनवाया था, जिसमें पढ़ने के लिए विश्व के कोने-कोने से लोग आते थे। तथागत गौतम बुद्ध के संदेश को पूरे विश्व में फैलाया। जिसके चलते विदेशों भी भारत के प्रधानमंत्री कहते हैं कि हम बुद्ध की धरती से आये हैं। देवनाथ कुशवाहा ने कहा कि सम्राट अशोक ने विशाल साम्राज्य की स्थापना कर भारत को विश्वगुरु बनाया और अखंड भारत का निर्माण किया। उनके शासनकाल में भारत सोने की चिड़िया कहलाता था। उनके शासनकाल में जाति-पाति नहीं थी। घरों में ताले नहीं लगते थे। कहा कि अशोक चक्र सत्य व न्याय के लिए निरंतर चलते रहने का संदेश देता है। इस मौके पर अखिलेश कुशवाहा, नरेन्द्र मौर्य, अवधेश कुशवाहा, प्रमोद मौर्य, रामलाल मौर्य, बबलू, सुरेन्द्र, विबोध, हंसराज, उमाशंकर, डॉ संजय कुशवाहा, राजपति, रामकिशुन, रमाशंकर, कालीचरन, भुवनेश्वर, मनोज कुशवाहा, रामनरेश कुशवाहा आदि रहे। संचालन अशोक कुशवाहा ने किया।