औड़िहार : आरपीएफ जवान फिर बने मददगार, ट्रेन में असहनीय प्रसव पीड़ा की शिकार प्रसूता की बचाई गई जान



औड़िहार। औड़िहार जंक्शन के आरपीएफ जवानों के मानवीय कर्तव्यों के चलते शनिवार को एक प्रसूता को समय से उपचार दिलाकर उनकी जान बचाई जा सकी है। हालांकि बच्ची मरी हुई पैदा हुई। हुआ ये कि बिहार के मधुबनी जिले के बैलाही निवासिनी गर्भवती नीलू यादव अपने पति अभिषेक झा के साथ स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से सफर कर रही थीं। इस बीच उन्हें ट्रेन में असहनीय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जिसके बाद ट्रेन में सवार आरपीएफ के जवानों ने कंट्रोल को सूचित किया। वहां से औड़िहार आरपीएफ को सूचना मिली। जैसे ही ट्रेन औड़िहार पहुंची, स्टेशन पर तैनात आरपीएफ के एसआई राकेश सिंह व एएसआई अर्चना उपाध्याय नीलू के कोच तक पहुंचीं और उन्हें स्ट्रेचर पर रखवाकर एंबुलेंस से सकुशल सैदपुर सीएचसी पहुंचाया। जहां चिकित्सकों द्वारा सुरक्षित ढंग से नीलू का प्रसव कराकर उनकी जान बचा ली गई, लेकिन बच्ची मृत पैदा हुई। प्रसव के बाद नीलू सहित उनके परिजनों ने औड़िहार की आरपीएफ टीम का आभार भी जताया कि उनकी मानवता व त्वरित सेवा के चलते नीलू की जान बचाई जा सकी। हालांकि मृत बच्ची के पैदा होने पर वो दुःखी भी थीं। इस मौके पर प्रमोद दुबे, साधना सिंह, एएसआई हरिनाथ आदि रहे। बता दें कि इसी सप्ताह आरपीएफ के चलते एक यात्री को उसका लाखों रूपए नकदी से भरा बैग वापस मिला था।