मुख्यमंत्री का आदेश मानना तो दूर, रियलिटी चेक करने पर पत्रकारों संग कर्मचारियों ने की अभद्रता, कैमरा छीनने का किया प्रयास





गाजीपुर। एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दे रहे हैं कि अब सभी अधिकारी अपने कार्यालयों में जनता की समस्या सुनने के लिए सुबह 9 से लेकर 10 बजे तक बैठेंगे तो दूसरी तरफ उनके कर्मचारी आदेश का पालन करना तो दूर, कार्यालय में आदेश का पालन हो रहा है ये जानने के लिए वहां पहुंचे पत्रकारों संग अभद्रता भी करने पर उतारू हो जा रहे हैं। ताजा मामला जनपद के मुख्य विकास अधिकारी के ही कार्यालय का है। जहां पर आदेश के अनुपालन की रियलिटी चेक करने पहुंचे एक पत्रकार संग अधिकारी के बाबू ने न सिर्फ धक्कामुक्की की बल्कि उन्हें धमकी देते हुए उनका कैमरा भी छीनने की कोशिश की। जिसके बाद पूरे जनपद के पत्रकारों में रोष है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के अनुपालन की जांच करने के लिए जनपद के कुछ पत्रकार शनिवार की सुबह साढ़े 9 बजे मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय में पहुंचे। वहां पहुंचने पर पता चला कि वहां पर कोई अधिकारी नहीं आया है। पूछने पर एक कर्मचारी गुलाब यादव आया और बताया कि हमें ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है। इस दौरान उसने पत्रकारों संग अभद्रता करते हुए उन्हें धमकाया और कहा कि वो वो खुद ही उन पत्रकारों का वीडियो बनाकर मुख्यमंत्री को भेज देगा। इसके कुछ ही देर बाद उसने पत्रकारों के कैमरे पर हाथ मारते हुए उन्हें धक्का देकर बाहर निकालने लगा। इसके बाद पूरे जनपद के पत्रकारों में रोष है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस बाबत कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा जिला विकलांग कल्याण अधिकारी, समाज कल्याण, जिला पंचायत राज विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, नेडा, जिला विकास अधिकारी सहित दर्जनों विभाग पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। हालांकि कुछ स्थानों पर सफाई कर्मी सफाई करते नजर आए। वहीं फरियादी बैठकर उनका इंतजार कर रहे थे। लोगों का कहना है कि जब मुख्यमंत्री के आदेश का कोई महत्व नहीं है तो बाकी क्या उम्मीद की जा सकती है। हैरत की बात ये है कि ये कर्मचारी अपने अधिकारी को बचाने के लिए किसी भी स्तर पर उतरने को तैयार हो गए हैं।



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