ब्लैक मंडे : एक साथ 7 मौत से दहल गया सैदपुर क्षेत्र, कार व सफारी की टक्कर में दो की मौत, दो की हालत गंभीर



सैदपुर। सोमवार का दिन सैदपुर परिक्षेत्र के लिए काला साबित हुआ। एक के बाद एक सोमवार को सैदपुर व इससे सटे हुए क्षेत्रों में कुल 7 मौतें हुईं। जिसके बाद सिर्फ सैदपुर ही नहीं, बल्कि पूरा जनपद दहल गया। सादात कस्बे में एक साथ 4 व खानपुर में हुई मासूम की मौत के अलावा सैदपुर थानाक्षेत्र के महरूमपुर में जैसे मौत के आगोश में जाने की जल्दबाजी में कार चालक ने कार डिवाइडर पार कर उड़ा दी। जिसमें कार चालक समेत दो की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं कार सवार समेत दो गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को सैदपुर सीएचसी पहुंचाया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। वहीं मृतकों के शवों को कार से निकलवाने में पुलिस के पसीने छूट गए। सोमवार की दोपहर वाराणसी के लंका क्षेत्र के जोधपुर कॉलोनी निवासी नीरज श्रीवास्तव 50 पुत्र मदन मोहन कार से प्रयागराज के जंघई स्थित महरसा निवासी कौशल तिवारी 32 पुत्र ओमप्रकाश तिवारी संग गाजीपुर की तरफ से आ रहे थे और वाराणसी जा रहे थे। कार को वाराणसी के पहड़िया निवासी लालबाबू जैसल 32 पुत्र माखन चला रहा था। नीरज की जेब से एलएलबी का पेपर, पेन व काला स्केच पेन मिला। जिससे लोग उम्मीद जता रहे हैं कि उनमें से कोई एलएलबी का पेपर देने गया था। वापसी में कार अभी महरूमपुर में पहुंची थी कि किसी वजह से कार एक झटके में अनियंत्रित हो गयी और बाएं छोर से सीधे डिवाइडर से टकराई और दूसरे लेन से गुजर रही सफारी से जा टकराई। टक्कर इस कदर तेज थी कि सफारी तुरंत खाई में पलट गई। वहीं कार का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। आगे बैठे होने के चलते नीरज व चालक लालबाबू की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं कार में पीछे बैठे कौशल व सफारी चला रहे रामू यादव 40 पुत्र इंद्रदेव निवासी बन्तरा बिरनो गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे कोतवाल तेज बहादुर सिंह ने घायलों को सीएचसी भिजवाया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया। वहीं कार में दोनों मृतक फंस गए थे। जिसके बाद उन्हें काफी मशक्कत के बाद निकलवाया गया और सीएचसी लाए। सफारी चालक ने बताया कि वो दूसरे की सफारी चलाता है और आज वो सेलटैक्स के एक अधिकारी को छोड़ने के लिए मीरजापुर गया था। वहां से वापिस आ रहा था तो तेल भरवाने के लिए दूसरे लेन में गया था। इसके बाद मुड़कर गाजीपुर जाने के लिए आगे बढ़ा और डिवाइडर का खुला हिस्सा ढूंढ रहा था। तभी ये हादसा हो गया। इधर घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को शाम तक नहीं थी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक नीरज के पिता मदन मोहन जहां डीएलडब्लू से रिटायर हैं, वहीं उनकी पत्नी ज्योति श्रीवास्तव बीएचयू में नर्सिंग की प्रोफेसर हैं। मृतक के दो बच्चे सौम्या व साहिल हैं। वो भी एक कंपनी में एचआर पद पर तैनात थे। मृतक दो भाईयों में छोटे थे लेकिन बड़े भाई पंकज श्रीवास्तव की पहले ही मौत हो चुकी है। मृतक नीरज के 2 बच्चे हैं। वहीं मृतक चालक लालबाबू का एक बड़ा भाई रमाकांत जैसल है। बताया जा रहा है कि लालबाबू का भाई रमाकांत मृतक नीरज की पत्नी प्रोफेसर ज्योति की गाड़ी चलाता था।