जखनियां : स्थापना के 53 वर्षों बाद कॉलेज परिसर में लगेगी संस्थापक की प्रतिमा, सर्वसम्मति से किया गया भूमिपूजन



जखनियां। क्षेत्र के भुड़कुड़ा स्थित श्री महंथ रामाश्रय दास पीजी कॉलेज में संस्थापक की प्रतिमा लगवाने के लिए शुक्रवार को भूमिपूजन का कार्य वैदिक मंत्रोच्चार के बीच किया गया। कॉलेज की स्थापना के 53 सालों के बाद संस्थापक महंथ रामाश्रय दास की कॉलेज परिसर में प्रतिमा स्थापित की जा रही है। जिसके लिए कॉलेज के अध्यक्ष व महंथ शत्रुघ्न दास महाराज व प्राचार्य प्रो. बृजेश जायसवाल ने पंडित राकेश त्रिपाठी के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमि पूजन का कार्य किया। बता दें कि ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के लिए ब्रितानी हुकूमत में भी सिद्धपीठ भुड़कुड़ा के पीठाधीश्वरों का काफी योगदान रहा है। उन्होंने सिद्धपीठ की जमीन में प्राथमिक विद्यालय से लेकर हाईस्कूल व उच्च शिक्षा के लिए स्थान देकर क्षेत्र के पिछड़े क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने का कार्य किया। इसी क्रम में पीजी कॉलेज के संस्थापक महंथ रामाश्रय दास ने विद्यालय के नाम 40 बीघा जमीन समर्पित कर दिया। विभिन्न विषयों में विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त करने के लिए भवन से लगायत सारे मानक पूरा करने में ये कॉलेज जिले में अग्रणी रहा है। प्राचार्य ने बताया कि परिसर में संस्थापक की प्रतिमा न होना, लोगों को खटकता था। जिस व्यक्ति ने क्षेत्र के युवाओं को शिक्षण संस्थान से जोड़कर अग्रणी बनाने के लिए सब कुछ किया, ऐसे में उनकी प्रतिमा ही न हो, ये न्यायोचित नहीं था। कहा कि प्रतिमा स्थापित करने के लिए लोगों को जागरुक कर भूमि पूजन किया गया। बताया कि कॉलेज का अगला स्थापना दिवस आगामी 14 नवंबर हो मनेगा। ऐसे में तब तक हर हाल में प्रतिमा की स्थापना कराकर उसका लोकार्पण करा लिया जाएगा। कहा कि 53 सालों के बाद विद्यालय परिवार के सभी सदस्य इसके लिए एक साथ तैयार हैं। महंथ शत्रुघ्न दास ने कहा कि यह बड़े ही गर्व की बात है कि 53 वर्ष बाद ही सही, विद्यालय के संस्थापक गुरुजी की प्रतिमा स्थापित हो जाएगी। इस दौरान एनसीसी कैडेटो ने प्रबंधक को सलामी दी। इस मौके पर संस्थापक के पौत्र उमाशंकर पांडे, कन्हैया सिंह, दीना सिंह, चंद्रभाल मिश्रा, डॉ सुरेंद्रनाथ सिंह, भुल्लन सिंह, इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य इंद्रभूषण राय, अशोक जायसवाल, सूर्यकांत सिंह पल्ली, दयाशंकर सिंह, अंटू सिंह, अश्वनी सिंह, डॉ रमेश कुमार भंडारी, अमित सिंह आदि रहे।