पुरुष नसबंदी को प्रेरित करने वालों को भी सरकार देगी फायदा, मिलेगी प्रोत्साहन राशि





गोरखपुर। अगर आप सरकारी कर्मचारी नहीं हैं और आपके प्रेरित करने पर कोई पुरुष नसबंदी का चुनाव करता है तो नसबंदी होने के बाद प्रेरक के तौर पर 300 रुपये प्राप्त होंगे। यह रकम प्रेरक के खाते में भेजी जाएगी। यह जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधाकर पांडेय ने बताया कि विशेष परिस्थितियों को छोड़ कर परिवार पूरा होने पर पुरुष नसबंदी की सेवा को अपनाया जा सकता है। उन्होंने जनपदवासियों से 22 नवम्बर से चार दिसम्बर तक चलने वाले पुरुष नसबंदी पखवाड़े को सफल बनाने की अपील की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि गोरखपुर जिला गैर मिशन परिवार विकास जनपद में शामिल है। इस जिले में पुरुष नसबंदी करवाने पर लाभार्थी को दो हजार रुपये उसके खाते में दिये जाते हैं। पुरुष नसबंदी के लिए चार योग्यताएं प्रमुख हैं। पुरुष विवाहित होना चाहिए, उसकी आयु 60 वर्ष या उससे कम हो और दंपति के पास कम से कम एक बच्चा हो जिसकी उम्र एक वर्ष से अधिक हो। पति या पत्नी में से किसी एक की ही नसबंदी होती है। गैर सरकारी व्यक्ति के अलावा अगर आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी पुरुष नसबंदी के लिए प्रेरक की भूमिका निभाती हैं, तो उन्हें भी 300 रुपये देने का प्रावधान है। डॉ. पांडेय ने बताया कि पखवाड़े के दौरान सोमवार से शनिवार तक सीएचसी पिपराईच, प्रकाश सर्जिकल और सूर्या क्लिनिक पर निःशुल्क पुरुष नसबंदी की सेवा उपलब्ध रहेगी, जबकि जिला महिला अस्पताल में मंगलवार से शनिवार तक यह सुविधा उपलब्ध कराने का दिशा-निर्देश है। निर्धारित सेवा दिवसों पर भी महिला नसबंदी के साथ-साथ पुरुष नसबंदी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पुरुष नसबंदी चंद मिनट में होने वाली आसान शल्य क्रिया है। यह 99.5 फीसदी सफल है। इससे यौन क्षमता पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ता है। महिला नसबंदी की तुलना में ज्यादा आसान और प्रभावी है। पुरुष नसबंदी के बाद व्यक्ति अपने नियमित कार्य को कर सकता है।



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