टीकाकरण के बावजूद सावधानी जरूरी, शरीर में पहले ही तरह की मौजूद रहता है वायरस, बस मजबूत होती है इम्युनिटी - एसीएमओ



गाजीपुर। कोविड-19 का टीकाकरण चरणबद्ध तरीके से स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंट लाइन वर्कर्स, 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग एवं 45 से 59 वर्ष तक के गंभीर रोग से ग्रसित लोगो को लगाया जा रहा है। इसके बावजूद सावधानी रखना बेहद जरूरी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ उमेश कुमार ने बताया कि कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के 2 हफ्ते बाद लाभार्थी के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होगी और वह पूरी तरह संक्रमण से सुरक्षित होगा। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि कोरोना वायरस उनके शरीर में नहीं प्रवेश करेगा। वायरस पहले की ही तरह उनके शरीर में प्रवेश करेगा लेकिन मजबूत इम्युनिटी के कारण वह शरीर को बीमार नहीं कर पाएगा। ऐसे में जब तक करीब 70 फ़ीसदी लोगों का टीकाकरण नहीं हो जाता तब तक सभी को मास्क, हाथों की सफाई और शारीरिक दूरी का पालन करना जरूरी है। बड़सरा नवीन पीएचसी पर कार्यरत डॉ अभिनव ने कहा कि बेशक कोरोना से बचाव का टीका आ गया और जनपद में कोविड-19 भी काबू में है, लेकिन लोगों को पहले की तरह अपनी जिन्दगी सामान्य बनाने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने यह मानकर कि कोविड-19 खत्म हो चुका है और लापरवाही करना शुरू कर दिया है, यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग और लोगों के सामूहिक प्रयास से कोविड पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। लेकिन अब भी पता नहीं कि हमारे बीच कौन पॉज़िटिव है। इसलिए कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते रहें। सार्वजनिक स्थलों जैसे रेलवे व बस स्टेशनों, बाजार, शादी-विवाह व अन्य समारोहों में खास सावधानी बरतें यानि मास्क, दो गज की दूरी, हाथों की सफाई व सैनेटाइजर का प्रयोग कतई न छोड़ें।