जखनियां : पूरी दुनिया में गुरूकुल पद्धति पर कर रहे रिसर्च, देश में फिर से जल्द शुरू होगी गुरूकुल पद्धति - महामंडलेश्वर



जखनियां। चैत्र नवरात्रि से हिंदू वर्ष का शुभारंभ होता है। नवरात्रि में मां की आराधना करना, अल्पाहार, उपवास, अनुष्ठान आदि करने से परिवार में संपन्नता आती है। गुरु के प्रति शिष्य की आस्था व पिता के प्रति पुत्र की आस्था होगी तभी परिवार में संपन्नता आएगी और परिवार की दरिद्रता दूर होगी। भगवान श्रीराम का चरित्र अपनाने से सब कुछ ठीक होगा। उक्त बातें सिद्धपीठ हथियाराम के हरिहरपुर मठ स्थित दक्षिण मुखी मां काली धाम पर हथियाराम मठ के पीठाधीश्वर स्वामी भवानी नंदन यति महाराज ने कही। कहा कि मन में विकार पैदा होने से अपना ही मन ठीक नहीं होता। इसलिए पहले मन को ठीक व शांत करें, सब कुछ स्वतः ही ठीक हो जाएगा। कहा कि संत महात्मा हमेशा अच्छी सलाह देते व राह दिखाते हैं। कहा कि भगवान श्री कृष्ण के न चाहने के बावजूद महाभारत हुआ, क्योंकि जो भी होने वाला होता है उसे टाला नहीं जा सकता। कहा कि आज के समय में देश हो या विदेश, हर जगह सिर्फ सर्च नहीं बल्कि रिसर्च हो रहा है। कहा कि लोग पुरानी गुरुकुल पद्धति भाषा का ही रिसर्च कर रहे हैं। कहा कि जल्द ही गुरुकुल पद्धति देश में आने वाली है। बिना गुरुकुल के राम-कृष्ण पैदा नहीं हो सकते। बताया जब-जब धरती पर प्रकोप, अनाचार व दुराचार बढ़ता है, तब-तब भूचाल, भूकंप, भुखमरी जैसी दैवीय आपदाएं आती हैं और धन-जन की हानि होती है। कहा कि जिस देश में पूजा नहीं होती, वहां तमाम प्रकार की आसुरी शक्तियां हावी होती हैं और वहां निरंतर उपद्रव, विवाद, गृहयुद्ध जैसी समस्याओं से लोग परेशान रहते हैं। कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, यहां हर धर्म के लोगों के लिए स्वतंत्रता है। कहा कि भगवान शांति के साथ शक्ति देते हैं, यह बात किसी को नहीं भूलनी चाहिए।