सरकार के तमाम दावे व लाखों कोशिशों के बावजूद स्वास्थ्य व्यवस्था में नहीं आ रहा सुधार, पखवारे भर से डॉक्टर विहीन है ये अस्पताल



सादात। प्रदेश सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। आलम यह है कि किसी अस्पताल पर चिकित्सक का पद लम्बे समय से रिक्त है तो कहीं तैनात चिकित्सक ही अस्पताल से प्रायः नदारत रहते हैं। ऐसे में इलाज के लिए लोग निजी अस्पताल व झोलाछाप डाक्टरों की शरण लेने के लिए विवश हैं। सादात के भीमापार पीएचसी पर तैनात चिकित्सक डॉ आशीष मिश्र का करीब एक पखवारे पूर्व खानपुर के लिए ट्रांसफर हो चुका है। लेकिन अब तक इनके बदले किसी अन्य चिकित्सक की नियुक्ति न होने से ये अस्पताल फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय के भरोसे चल रहा है। फार्मासिस्ट अनिल यादव, वार्ड ब्वाय दुर्गा सिंह व विनोद यादव के भरोसे अस्पताल चल रहा है। यहां आने वाले मरीजों को चिकित्सक के न होने से निराश होना पड़ता है। बदहाली का आलम है कि अस्पताल पर समुचित संसाधन का भी अभाव है। कहना गलत न होगा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की वजह से क्षेत्र के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।