‘जाको राखे साईयां, मार सके न कोय’, गंगा में ‘गंगा’ के मिलने के बाद अब पूरी रात बारिश में भीगती मिली नवजात, कलयुगी मां को कोस रहे लोग





जखनियां। जाको राखे साईयां, मार सके न कोय। ये कहावत 3 दिनों के अंदर दूसरी बाद सच साबित हुई है। गाजीपुर के ददरी घाट पर गंगा नदी में नवजात बच्ची के मिलने के बाद अब एक और कलयुगी मां द्वारा फेंकी गई नवजात बेटी जखनियां स्थित गोविंद जखनियां गांव में झाड़ियों में लावारिस हाल में कई घंटों से हो रही बारिश में भीगती मिली। जिसके बाद उसे तत्काल उपचार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। गुरूवार की सुबह जखनियां गोविंद गांव स्थित सादात मार्ग पर मैरेज हाल के पास झाड़ियों में कपड़े में लपेटकर एक नवजात को कलयुगी मां ने लोकलाज के भय से फेंक दिया था। नवजात बच्ची पूरी रात बारिश में भीगती रही लेकिन दैवीय कृपा से उसका बाल भी बांका न हुआ। अगली सुबह जब दलित बस्ती की अंता देवी, सीमा व चंद्रमुखी उधर से शौच को गुजर रही थी तो वहां से बच्ची के रोने की आवाज सुनकर उसे ढूंढने लगीं तो वो झाड़ियों में मिली। जिसके बाद आशा कार्यकत्री सुमन के माध्यम से 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसआई अशोक ओझा ने तत्काल नवजात को सीएचसी पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। इसके बाद उसे कोतवाली लाया गया। कोतवाल अनुराग कुमार ने बताया कि उसे कस्बा स्थित जन ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा संचालित चाइल्ड लाइन इंडिया फाउंडेशन के प्रभारी मनोज कुमार सिंह व राधिका देवी द्वारा जिला महिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ महेश यादव ने बताया कि नवजात शिशु पूरी तरह से स्वस्थ है। बारिश के चलते उसकी त्वचा खराब हो रही थी तो उसका प्राथमिक उपचार कर दिया गया है। इधर मासूम बच्ची के मिलने के बाद उसे गोद लेने को महिलाओं की होड़ लग गई। कई महिलाओं की आपस में नोंक झोंक भी हुई। चाइल्ड केयर के कर्मचारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इलाज के बाद संस्थान द्वारा कागजी कार्रवाई पूरी करके ही बच्ची को किसी को दिया जा सकता है।



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