प्रेमिकाओं के महंगे शौक पूरे करने को अपराधी बन गए नाबालिग, 13 मोबाइल व तमंचे संग ‘भोलेभाले’ शातिर लुटेरों का गैंग धराया



सैदपुर। स्थानीय पुलिस ने लंबे समय से क्षेत्र में मोबाइल चोरी की घटना को अंजाम दे रहे शक्ल से भोले भाले मोबाइल लुटेरों के गिरोह का भंडाफोड़ करने में सफलता हासिल की है। इस मामले में पुलिस ने 13 मोबाइल व 1 तमंचे समेत 5 शातिर मोबाइल लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है। उनमें से 2 नाबालिग हैं और मास्टर माइंड भी हैं। क्षेत्राधिकारी बीएस वीर कुमार ने कोतवाली में लुटेरों को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि क्षेत्र में लंबे समय मोबाइल छिनैतियों व चोरियों की शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद मोबाइलों के आईएमईआई नंबर को ट्रैक करते हुए बदमाशों की पहचान की गई। इसके बाद सर्विलांस से मंगलवार की सुबह सूचना मिली कि संदिग्ध भीमापार के पास स्थित योगीवीर बाबा के पास मौजूद हैं। जिसके बाद कोतवाल राजीव सिंह मय फोर्स वहां पहुंचे। पुलिस को देख बदमाश भागने लगे। जिसके बाद दो नाबालिगों समेत पांचों को दौड़ाकर पकड़ लिया गया। थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ में उन्होंने पूरा अपराध कुबूल लिया। अपना नाम विक्रमपुर निवासी अजीत कुमार पुत्र कैलाश, श्रीकेश पुत्र रामभजन, विशाल कुमार पुत्र शिवभजन व दो नाबालिग सुनील कुमार पुत्र जूठन राम और आनंद कुमार पुत्र कमलदेव निवासी अमुआरा कलां बताया। उन्होंने बताया कि वो अपनी प्रेमिकाओं के महंगे शौक व मौज मस्ती करने के लिए घटनाओं को अंजाम देते थे। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी व लूट के 13 मोबाइलों समेत उनके पास से 1 अवैध देशी तमंचा व 3 बाइकें बरामद कीं। बताया कि वो तमंचा दिखाकर राहगीरों को लूटते थे। कोतवाल ने बताया कि उनमें से एक नाबालिग ही मास्टर माइंड है। बताया कि बेहद कम उम्र के होने के चलते उन पर किसी को संदेह भी नहीं होता था। बहरहाल, घटना के बाद सभी को संबंधित धाराओं में मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर जेल भेज दिया गया। टीम में कोतवाल के अलावा एसएसआई घनानंद त्रिपाठी, एसआई धीरेंद्र सिंह, अनिल पांडेय, कां. विपिन तिवारी, विशाल सोनकर, राकेश कुमार, अजीत यादव, सतीश कुमार आदि रहे।