‘अष्ट बलिदानी’ खंडकाव्य का शहीदों व सेनानियों के परिजनों ने किया विमोचन, शहीदों के बारे में दी गई जानकारी





मोहम्मदाबाद। भोजपुरी कवि संजीव त्यागी द्वारा रचित खण्डकाव्य ‘अष्ट बलिदानी’ का विमोचन शेरपुर कलां स्थित महावीर मन्दिर परिसर में शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों द्वारा किया गया। इसके पश्चात लोगों ने 18 अगस्त 1942 में महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए आंदोलन करो या मरो में बलिदान देने वाले शहीदों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनसे देश प्रेम की प्रेरणा लेने की बात कही। कहा कि युवा पीढ़ी को क्रांतिकारियों के जीवन से देश सेवा की सीख लेनी चाहिए। उन्होंने न सिर्फ जीते जी देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया, बल्कि शहादत के बाद भी अपने बलिदान से हर भारतवासी के हृदय में स्वाधीनता की अलख जगाई। कहा कि ये राष्ट्रभक्त स्वतंत्रता आंदोलन के अमर प्रतीक हैं, जो हमें सदैव राष्ट्र की सेवा और एकता के लिए प्रेरित करते रहेंगे। कहा कि उनके योगदानों को अष्ट बलिदानी रचना के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है। संजीव त्यागी ने कहा कि अष्ट शहीदों व बलिदान हुए सैकड़ों सेनानियों के परिजनों की भावनाओं को मैंने बहुत अंदर तक महसूस करके उसे शब्दों में उकेरने की कोशिश की है। ताकि शेरपुर के शहीदों व सेनानियों को राष्ट्र में पहचान मिल सके और आने वाली पीढ़ियां अपने शहीदों के बलिदान को याद रख सके। इसके पूर्व शहीद पार्क में पहुंचकर शहीद स्तम्भ पर माल्यार्पण करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी हुआ। इस मौके पर जयानंद राय, लल्लन राय, हेमनाथ राय, कवि सतेंद्र यादव, दीनबन्धु उपाध्याय, जयशंकर राय, श्याम नारायण राय, डॉ आलोक राय, स्वदेश राय, रब्बन राय, आशीष राय, चंदन राय, शशिशेखर राय, सीताराम राय, राकेश राय, आशीष राय, अमरनाथ राय, त्रिलोकी राय, मुकुंद राय, अंकुर राय आदि रहे। अध्यक्षता राजेंद्र राय व संचालन बालाजी राय ने किया। आभार मनीष राय व मिथिलेश राय ने ज्ञापित किया।



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