करंडा : गंगा-गांगी की विनाशकारी लहरों ने लील ली दो परिवारों की खुशियां, मजदूर समेत डूबी नाबालिग बहनों में एक का 5वें दिन मिला शव

करंडा। थानाक्षेत्र में नदी में डूबे दो लोगों के शव बरामद होने से परिजनों में कोहराम मच गया। चोचकपुर के मौनी बाबा गंगा घाट पर बीते मंगलवार को डूबी सगी बहनों में छोटी बहन महिमा सिंह का शव पांचवें दिन बरामद हुआ। वहीं, मैनपुर गांव के भवानी माई गांगी घाट पर डूबे मजदूर जितेंद्र वनवासी का शव भी तलाश के दौरान शनिवार को मिल गया। जिसके बाद उनके परिजनों में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बता दें कि बसंतपट्टी गांव निवासी स्व. मदनसेन की पुत्रियां माही सिंह और महिमा सिंह मंगलवार को मौनी बाबा गंगा घाट पर स्नान करने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गई थीं। हादसे के बाद से दोनों की तलाश की जा रही थी। लेकिन 72 घंटों तक शवों के न मिलने से आखिरकार पीएसी के जवान वापस चले गए थे। इस बीच पांचवें दिन महिमा सिंह का शव जमानियां क्षेत्र के हरपुर स्थित परशुराम गंगा घाट पर पानी में उतराया मिला। जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, मैनपुर गांव के भवानी माई गांगी घाट पर शुक्रवार को स्नान के दौरान जितेंद्र वनवासी नदी में डूब गया था। स्थानीय लोगों और गोताखोरों की ओर से लगातार उसकी तलाश की जा रही थी। इस बीच शनिवार को उसकी लाश वहीं पर बरामद हुई। जिसके बाद परिजनों में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है।

