करंडा : गंगा में डूबी सगी नाबालिग बहनों की तलाश में दिनभर चला अभियान, पीएसी के जवानों ने कई किलोमीटर तक खंगाली नदी





करंडा। चोचकपुर स्थित मौनी बाबा गंगा घाट पर स्नान के दौरान गंगा की तेज धारा में लापता हुईं दो सगी नाबालिग बहनों की तलाश में बुधवार को पीएसी के जवानों ने पूरे दिन व्यापक खोज अभियान चलाया। पीएसी के गोताखोरों ने नाव के सहारे घाट से लेकर गंगा के कई किलोमीटर क्षेत्र में तलाश की, लेकिन देर शाम तक दोनों किशोरियों का कोई पता नहीं चल सका। बसंतपट्टी गांव निवासी स्व. मदनसेन सिंह की बेटियां 14 वर्षीय माही सिंह और 13 वर्षीय महिमा सिंह मंगलवार को अपनी सहेलियों के साथ मौनी बाबा घाट पर स्नान करने गई थीं। इसी दौरान तेज बहाव की चपेट में आने के बाद दोनों बहनें गंगा में लापता हो गई थीं। घटना के बाद से ही उनकी तलाश जारी है। बुधवार को पीएसी की टीम के गोताखोरों ने मोर्चा संभाला। गंगा में बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के बीच गोताखोरों ने मीलों दूर तक पानी में उतरकर संभावित स्थानों पर तलाश की। टीम ने घाट के आसपास के अलावा धारा के साथ कई किलोमीटर क्षेत्र को भी खंगाला, लेकिन पूरे दिन की मशक्कत के बावजूद दोनों किशोरियों के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। उधर, घाट पर पूरे दिन दोनों बहनों के परिजन बेसब्री से खोज अभियान को देखते रहे। आंखों में उम्मीद और अपनों को खोने का दर्द लिए परिजन लगातार इस आस में घाट पर डटे रहे कि शायद कोई चमत्कार हो जाए और उनकी दोनों बेटियां विकराल हो चुकी गंगा की लहरों के बीच से सकुशल वापस लौट आएं। लेकिन जैसे-जैसे दिन ढलता गया, उनकी बेचौनी और बढ़ती गई। मां बबिता सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। घाट पर मौजूद ग्रामीण भी परिजनों को ढांढस बंधाते रहे और गंगा की ओर टकटकी लगाए खोज अभियान का इंतजार करते रहे। प्रशासन और पीएसी की टीम की ओर से लापता दोनों किशोरियों की तलाश का अभियान जारी है। गंगा में तेज बहाव और बढ़े जलस्तर के कारण राहत एवं बचाव दल को भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान चलाना पड़ रहा है। परिजनों की उम्मीद अब भी दोनों बहनों के सकुशल मिलने पर टिकी हुई है।



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