सैदपुर : गंगा की लहरों ने मचाई तबाही, फुलवारी कलां में मंदिर की चहारदीवारी पर मंडराया खतरा, जलमग्न हुईं किसानों की सब्जियां

सैदपुर। गंगा में आई बाढ़ और तेज हो चुकी धारा ने फुलवारी कलां गांव के आसपास तबाही का असर बढ़ा दिया है। फुलवारी कलां गांव स्थित निर्माणाधीन रामजानकी शिव मंदिर की चहारदीवारी गंगा की तेज लहरों के दबाव के चलते नदी की ओर झुक गई है। स्थिति ऐसी है कि यदि कटान और बढ़ा तो चहारदीवारी कभी भी धराशायी हो सकती है। इससे निर्माण में लगी लाखों रुपये की लागत के नुकसान की आशंका बनी हुई है। गंगा के बढ़े जलस्तर का असर वहीं पर नदी की तराई में खेती करने वाले किसानों पर भी पड़ा है। नदी की तराई में बोई गई सब्जियों की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। लंबे समय से मेहनत कर तैयार की जा रही सब्जियां जलमग्न होने के कारण नष्ट हो गई हैं। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित किसानों में ओमप्रकाश सिंह, राजनाथ सोनकर, लालू सोनकर, अच्छेलाल सोनकर, अभिषेक सोनकर, अनिल सिंह, अरुण सिंह, जीतू सिंह समेत अन्य किसान शामिल हैं। इनमें कई ऐसे किसान हैं जिन्होंने दूसरे की जमीन अधिया पर लेकर और कर्ज लेकर सब्जियों की खेती की थी। फसल बर्बाद होने से अब कर्ज चुकाने और परिवार का खर्च चलाने की चिंता भी सताने लगी है। किसानों का कहना है कि सब्जियों की खेती में बीज, खाद, मजदूरी और सिंचाई समेत काफी खर्च पहले ही हो चुका था। फसल तैयार होने के समय गंगा की बाढ़ का पानी खेतों में पहुंचने से पूरी मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों ने प्रशासन से फसल क्षति का आंकलन कर उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। वहीं मंदिर की चहारदीवारी के गंगा की ओर झुकने से ग्रामीणों में भी चिंता है। ग्रामीणों का कहना है कि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो चहारदीवारी गिर जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है, ताकि संभावित नुकसान को रोका जा सके।

