सैदपुर : 2 मासूमों के साथ सफेद कफ़न में लिपटकर मिर्जापुर आया अमरीश का शव, एक ही चिता पर तीनों को जलता देख लोग भी दहले

सैदपुर। क्षेत्र के के मिर्जापुर निवासी अमरीश ठाकुर व उसके 2 नन्हे बच्चों के शव सोमवार की भोर में घर पर आए। शवों के आने के बाद हाहाकार मच गया। गांव में एक साथ 3 दुःखद मौत होने जैसी घटना के चलते पूरी रात गांव के आधा से अधिक लोग घर जुटे हुए थे और परिजनों को ढाढस बंधा रहे थे। उतनी रात में भारी संख्या में महिलाएं भी जुटी थीं। भोर में एम्बुलेंस से शव जैसे ही घर आये, हर तरफ चीख पुकार मच गई। इसके बाद जब दोनों बच्चों और अमरीश के सफेद कफ़न में लिपटे शवों को उतारा गया, तो हर किसी का कलेजा चीत्कार कर उठा। मां तो बार-बार अचेत हो जा रही थी। इसके बाद कुछ देर तक शवों को घर पर रखा गया, लोगों ने अंतिम बार अपने कलेजे के टुकड़ों को दुलार किया, इसके बाद सोमवार को तड़के ही तीनों शवों को श्मशान घाट पर ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। श्मशान घाट पर भी एक ही चिता पर पिता व उसके दोनों बेटों की लाश जलता देख हर कोई मर्माहत हो गया। बता दें कि मिर्जापुर निवासी अमरीश ठाकुर की शादी 2019 में जंगीपुर निवासिनी वंदना से हुई थी। वंदना सशत्र सीमा बल में चतुर्थ श्रेणी में है और नेपाल बॉर्डर पर पोस्टिंग होने के चलते नौतनवा में रहती है। साथ में अमरीश व उसके दोनों नन्हें बच्चे भी रहते थे। अमरीश ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया था कि वंदना का चक्कर किसी सोनू गौतम नाम के लड़के से चलता था। जिसके लिए अमरीश व वंदना में हमेशा कलह होती थी। मना करने पर भी अमरीश के सामने सोनू से वीडियो कॉल करती थी और रोकने पर धमकी देती थी। आरोप है कि वंदना तलाक मांगती थी और दहेज के मामले में फंसाने की धमकी देती थी। जिसके चलते आजिज आकर अमरीश ने नौतनवा स्थित रूम पर अपने दोनों नन्हे बच्चों को फंदे पर लटकाकर खुद भी फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी।

