सैदपुर : मिर्जापुर के अमरीश व 2 बच्चों की मौत के मामले में बड़े भाई ने पत्नी समेत 7 पर दर्ज कराया हत्या का मुकदमा, प्वाइंट टू प्वाइंट लगाए गंभीर आरोप





सैदपुर। क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी अमरीश ठाकुर व उसके 2 नन्हें बच्चों की महराजगंज के नौतनवा स्थित गांधीनगर में फंदे पर मिली लाश के मामले में मृतक के बड़े भाई व तहसील में अमीन अश्वनी कुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए तीनों मौतों को आत्महत्या की बजाय हत्या बताया है। अश्वनी ने ही रविवार को नौतनवा थाने में तहरीर देकर मृतक की पत्नी जंगीपुर के महमूदपुर निवासिनी एसएसबी में चतुर्थ श्रेणी में तैनात वंदना सहित वंदना के पिता रामअवतार राम, मां चंदा देवी, भाई नवीन कुमार, भाभी सुनीता देवी, कथित प्रेमी सोनू गौतम व एक अज्ञात के खिलाफ अपने भाई व बच्चों की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर छानबीन कर रही है। इधर मृतकों के शव घर आने व अंतिम संस्कार के बाद सोमवार को पूरे दिन घर पर शोक संवेदना प्रकट करने वालों का तांता लगा रहा। अश्वनी ने बताया कि मेरे भाई व उसके दोनों बच्चों को गलत रूप दिया जा रहा है, जबकि उसकी हत्या की गई है। बताया कि मेरा भाई पहले ही कहता था कि वंदना मेरी हत्या करा देगी। कहा कि कई कारणों से ये घटना हत्या साबित हो रही है। बताया कि रविवार की सुबह भाई ने मां व मुझे फोन किया और कहा कि सब कुछ ठीक है न, पता नहीं क्यों कुछ बुरा सा लग रहा है। इसके बाद फोन कटा और कुछ ही देर में मैंने फोन किया तो फोन नहीं उठा। फिर बाद में फोन उठा तो दूसरी तरफ से भाई की मौत की सूचना दी गई। बताया कि मुझसे बात करने और उसकी मौत के बीच ज्यादा समय का फासला नहीं है। बताया कि उसने जो वीडियो बनाया है, वो करीब 10 मिनट का है और उसमें वो भी कांपता व डरा हुआ दिख रहा है। बताया कि उसने वो वीडियो करीब 7ः10 पर मेरे भाई को भेजा और पुलिस के मुताबिक उसकी मौत 7 बजे हुई है। ऐसे में उसने इतने समय में इतनी बड़ी घटना कैसे अंजाम दे दी। जबकि उतने देर में 10 मिनट का वीडियो बनाना, फिर दीवारों पर सुसाइड नोट लिखना, जिसमें काफी समय लगा होगा, फिर एक-एक कर दोनों बच्चों को लटकाना और फिर खुद लटकना। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि वो दाहिने हाथ से काम करता था और उसका दाहिना हाथ ही कटा था। ऐसे में कोई राइट हैंड वाला अपना दाहिना हाथ कैसे काट सकता है। साथ ही बेटे को जिस खिड़की से लटकाया गया था, उसके नीचे बोरा रखा था। अगर वो लटकाएगा तो नीचे बोरा क्यों रखेगा। कहा कि कोई भी बता देगा कि अगर कोई अकेले इतनी घटनाओं को अंजाम देगा तो इन कार्यों में घंटे भर से अधिक समय लगा होगा। तो फिर आखिर 7 बजे ही घटना कैसे हो गई। जबकि सुसाइड वीडियो में पीछे बच्चे खेलते हुए सुनाई दे रहे हैं, यानी उस समय तक बच्चे जीवित थे। तो ये घटना आत्महत्या कैसे हो सकती है। ये भी बताया कि जब तक हम वहां पहुंचते, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका था। कहा कि हमसे बताया गया कि घटना के समय वंदना ड्यूटी पर गई थी और पड़ोसियों की सूचना पर वो घर आई। ऐसे में वीडियो में साफ दिख रहा है कि वो ऐसे कपड़ों में घर में मौजूद है, जो ड्यूटी जाने वाले नहीं हैं। ऐसे में अगर वो ड्यूटी से आई थी तो उसके पास इतनी बड़ी घटना के बाद कपड़े बदलने का समय कहां से मिल गया। अश्वनी ने कहा कि भाई व बच्चों की सुनियोजित ढंग से हत्या की गई है। पीएम व फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी। इसके अलावा ये भी कहा कि पूर्व में एक बार जब वंदना के अधिकारियों से शिकायत की गई थी तो उन्होंने हमें ही कहना शुरू कर दिया था। ये भी कहा कि रविवार को जब शवों को लेकर हम मिर्जापुर आने लगे तो अधिकारियों ने कहा कि दोनों बच्चों की लाश तो उनकी मां के साथ मायके जाएगी, मिर्जापुर सिर्फ अमरीश की लाश लेकर जाइए। जिस पर परिजनों ने विरोध किया और कहा कि ये कौन का कानून कहता है। थोड़ी बातचीत के बाद तीनों शवों को लेकर परिजन रवाना हो गए। अश्वनी ने आरोप लगाया कि वंदना अमरीश को मानसिक रूप से अत्यधिक प्रताड़ित करती थी और दहेज व महिला प्रताड़ना में फंसाने की धमकी देती थी। कहा कि वो तलाक मांगती थी तो अमरीश बच्चों का हवाला देकर मना कर देता था। वो कहता था कि तुम्हें देना है तो दे दो, मैं साइन कर दूंगा। जिस पर वो कहती थी कि शादी में खर्च हुआ 8 लाख रूपया चाहिए। अगर मैं तलाक दूंगी तो वो रूपया कैसे मिलेगा। इसके अलावा अश्वनी ने और भी कई आरोप लगाए। वहीं हैरानी की बात ये रही कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद अपने पति व शवों के साथ न तो वंदना ससुराल आई, न ही उसके मायके से कोई यहां हाल देखने तक आया। जिससे आशंका और भी बलवती हो रही है। बहरहाल, उन्होंने पीएम व फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।



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