जमानियां : नर नारायणी का शरीर है मानव तन, उचित प्रयोग कर करा लें कल्याण - पंकज महाराज

जमानियां। जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था प्रमुख पंकज महाराज की चल रही 83 दिवसीय शाकाहार, सदाचार, मद्यनिषेध आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा का 73वां पड़ाव जमानियां के लहुआर में हुआ। जहां सोमवार को सत्संग करते हुए संत पंकज महाराज ने मानव तन की प्राप्ति के बाबत कहा कि सन्त महात्माओं ने इसे नर नारायणी शरीर बताया है। कहा कि दोनों आंखों के बीच के भाग में आत्मा विराजमान है, इसी में प्रभु की परासृष्टि को देखने की तीसरी आंख यानी दिव्य नेत्र है व आकाशवाणी अनहदवाणी सुनने के कान हैं। ऊपरी मण्डलों की महिमा रामचरित मानस के माध्यम से वर्णित करते हुए कहा कि अन्तर की साधना करते समय भगवान राम प्रसन्न हो गये और अन्तर में विचित्र रचना का विस्तार देखा। इसी प्रकार आप जब बताई हुई विधि से साधना करेंगे तो आप की दिव्य दृष्टि खुल जायेगी व आप त्रिकालदर्शी हो जायेंगे। इस मौके पर जंगबहादुर सिंह यादव, उदय नारायण यादव, रामअवध यादव, रामाश्रय, घूरन प्रसाद आदि रहे।

