देवकली : सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के 5वें दिन भगवान गणेश जन्म की कथा का प्रवचन





देवकली। स्थानीय प्राचीन शिव मंदिर पर चल रहे सप्त दिवसीय श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ के 5वें दिन संगीतमय प्रवचन करते हुए स्वामी अमरेश्वरानन्द महाराज ने कहा कि यह मानव जीवन क्षणभंगुर है। कहा कि आज मिला है, कल रहेगा या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। कहा कि संत इस धराधाम पर अपनी इच्छा से नहीं आते बल्कि वो परमात्मा के भेजे हुए दूत हैं। वो चुनी हुई आत्माओं को इकट्ठा करके उपदेश देते हैं, जिससे मानव जन्म मरण के बंधन से मुक्त होते हैं। कहा कि वो जीव व परमात्मा के बीच सेतु का काम करते हैं। कहा कि जीव इस धराधाम पर क्यों आया है, क्या कर रहा है, आने का क्या उदेश्य है, वो इसे भूल बैठा है। यही उसके सभी दुखों का मूल कारण है। कहा कि कमल की जड़ें पानी में रहती हैं, लेकिन उसका फूल हमेशा उपर रहता है। उसी प्रकार जीव को माया रुपी संसार में रहते हुए मोह से अलग रहना चाहिए। कहा कि परमात्मा कहीं बाहर नहीं, बल्कि वो हमारे अंदर मौजूद है। जिसे सच्चा सद्गुरु ही दिखा सकता है। इस दौरान उन्होंने गणेश जन्म कथा सुनाई।



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