देवकली : कुशवाहा महासभा ने मनाई देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री फुले की जयंती, योगदानों को किया याद

देवकली। कुशवाहा महासभा के तत्वावधान में सावित्री बाई फूले की जयन्ती का आयोजन किया गया। जहां सावित्री बाई फुले की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा ने कहा कि लोगों के लिए आवाज उठाने वाली सावित्री बाई की शादी महज 9 वर्ष की उम्र में ज्योतिबा राव फुले से कर दी गई थी। लेकिन राव फुले एक आदर्श पुरूष व महिला शिक्षा के समर्थक थे। उन्होंने सावित्री बाई को स्वयं पढ़ाकर शिक्षिका बनाया। पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा व राजेश कुशवाहा ने कहा कि ज्योतिबा फुले को उनके रूढ़िवादी पिता ने घर से निकाल दिया था, तब उस्मान शेख ने रहने के लिए घर दिया और उनके शिक्षा कार्य को बढ़ाने के लिए अपनी बहन फातिमा शेख को सावत्री बाई फुले की सहायता के लिए शिक्षिका बनाया। कहा कि सावित्री बाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका थीं। रामनरेश कुशवाहा व सुधाकर कुशवाहा ने कहा कि ज्योतिबा फुले व उनकी पत्नी दोनों ही महान समाज सुधारक रहे हैं। इस मौके पर राजपति, रामकिशुन, रमाशंकर, भुवनेश्वर, नरेन्द्र मौर्य, प्रमोद मौर्य, अवधेश मौर्य, अखिलेश कुशवाहा, उर्मिला कुशवाहा, बेचन मौर्य, कृपाशंकर कुशवाहा, डॉ संतोष, डॉ शिवकुमार, डॉ संजय कुशवाहा, राजनाथ, रंगजी कुशवाहा आदि रहे। अध्यक्षता राजेश मौर्य व संचालक देवनाथ कुशवाहा ने किया।

