गाजीपुर : भारत को शर्मसार करने वाला डायना हत्याकांड 28 साल बाद फिर चर्चाओं में, न्यूजीलैंड की पर्यटक डायना की हत्या करने वाले हत्यारे की सजा माफ

गाजीपुर। वर्ष 1997 में भारत का सिर नीचा करने वाले विदेशी टूरिस्ट डायना हत्याकांड आज करीब 28 साल के बाद एक बार फिर से चर्चाओं में है। इस हत्या के आरोपी को राज्यपाल द्वारा दया माफी देने का मामला सामने आया है। 1997 में न्यूजीलैंड से भारत घूमने आई डायना की उसके ही टूरिस्ट गाइड ने हत्या करके अपने ही घर के कमरे में दफन कर दिया था। बाद में गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर डायना का कंकाल बरामद हुआ था। जिसके बाद कोर्ट ने हत्यारे को मौत की सजा सुनाई थी। लेकिन बाद में सजा को ज्यादा बताकर कठोर कारावास में बदल दिया गया। लेकिन अब इस मामले में दोषी धर्मदेव यादव की सजा को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए उसकी शेष सजा को माफ कर दिया है। गाजीपुर में 1997 में एक खौफनाक मामला सामने आया था, जब एक टूरिस्ट गाइड ने भारत घूमने आई न्यूजीलैंड की पर्यटक डायना राउटले क्लेयर की हत्या कर दी थी। वो वाराणसी पहुंचकर वहां के गेस्ट हाउस में रुकी हुई थी। तब गाजीपुर के वृंदावन गांव निवासी टूरिस्ट गाइड धर्मदेव यादव डायना से घुल मिल गया और उसे घुमाने के बहाने गाजीपुर लेकर पहुंचा और फिर उसके रूपयों के लालच में उसकी हत्या कर उसकी लाश को अपने घर में ही दफन कर दिया था। बाद में जब पुलिस ने धर्मदेव यादव को गिरफ्तार किया तो उसकी निशानदेही पर उसके घर से ही डायना का कंकाल बरामद हुआ था। कंकाल का जब डीएनए परीक्षण किया गया तो डायना के कंकाल होने की पुष्टि हुई थी। तब वाराणसी सत्र न्यायालय के तत्कालीन जज ने 25 फरवरी 2003 को धर्मदेव यादव को दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई थी। जबकि उसके अन्य सहयोगी को दोष मुक्त कर दिया था। न्यायालय द्वारा मृत्यु दंड मिलने के बाद उच्च न्यायालय इलाहाबाद में भी इस दंड के आदेश को बहाल रखा था। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने 2014 में मृत्यु दंड को 20 वर्ष के कठोर कारावास में बदल दिया था। जिसके बाद धर्मदेव यादव गाजीपुर के जिला जेल में बंद है। उसका जेल में आचरण संतोषजनक देखकर दया याचिका समिति ने उसकी रिहाई के पक्ष में संस्तुति की। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए उनकी शेष सजा को माफ कर दिया है। इस बाबत जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि यदि शासन से कोई भी आदेश आता है तो उस पर कार्यवाही की जाएगी। जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय सोनी ने बताया कि दया माफी के इस तरह के लगातार मामले आते रहते हैं। इसके पूर्व भी कई मामले गाजीपुर में आ चुके हैं। जिसको लेकर विभाग द्वारा कार्यवाही कर उसे आगे बढ़ाया जाता है।

