सैदपुर : गंगा में डूबे फर्नीचर कारीगर का 36 घंटों बाद भी नहीं लगा सुराग, मीलों दूर तक खाक छान चुकी एसडीआरएफ टीम





सैदपुर। नगर के पक्का घाट पर कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने सैदपुर के पक्का घाट पर आए युवक का पता 36 घंटों बाद भी नहीं लगा। जबकि 24 घंटों के बाद वाराणसी से एसडीआरफ की यूनिट उसकी तलाश करने आई और गंगा में मीलों दूर के एरिया में घंटों तक तलाश की। भीमापार के राजापुर निवासी 20 वर्षीय रूद्रप्रताप विश्वकर्मा टोनी पुत्र अरविंद विश्वकर्मा अपने दोस्तों के साथ गंगा नहाने पक्का घाट पर आया था। बुधवार की सुबह स्नान करने के दौरान वो गंगा में डूब गया। जिसका पता चलते ही पुणे में मौजूद उसके परिजनों में हाहाकार मच गया। वहीं गांव पर मौजूद उसके दादा रोते बिलखते हुए घाट पर पहुंचे। इधर सीओ रामकृष्ण तिवारी, तहसीलदार हिमांशु सिंह आदि मौके पर पहुंचे। वहीं चौकी इंचार्ज मनोज पांडेय ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से बुधवार की शाम तक उसकी तलाश कराई लेकिन वो नहीं मिला। इधर रात में युवक के परिजन हवाई जहाज से तत्काल घर पहुंचे और घाट पर आ गए। मां व पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। गुरूवार की सुबह परिजन भी पुलिस व गोताखोरों के साथ नाव पर सवार होकर बेटे को ढूंढते हुए वहां से कई मील दूर चकेरी तक पहुंचे लेकिन रास्ते भर उसका कहीं पता नहीं चल सका। दोपहर में एसडीआरएफ की वाराणसी यूनिट वहां पहुंची और नदी में घंटों तक टोनी की तलाश की। एसडीआरएफ ने भी टोनी की तलाश में चकेरी तक खाक छानी लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल सका। शाम ढलने पर विवश होकर टीम को अपनी तलाश रोकनी पड़ी। लोग उम्मीद जता रहे हैं कि संभवतः डूबने के बाद टोनी तहलटी में ही कहीं फंस गया है और करीब 48 से 72 घंटे बाद ही उतराने की उम्मीद है। बहरहाल, परिजन सैदपुर से चकेरी तक के बीच जगह-जगह घाट पर मौजूद हैं, ताकि कहीं अगर वो उतराए तो उन्हें पता चल सके। टोनी व उसके माता-पिता सभी लोग पुणे में ही रहकर फर्नीचर का काम करते हैं।



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