सैदपुर : तहसील में भ्रष्टाचार के आरोप संग तीसरे दिन भी चला वकीलों का धरना, डीएम से मिलकर की अधिकारियों की शिकायत

सैदपुर। नगर स्थित तहसील परिसर में तहसील प्रशासन पर भ्रष्टाचार के आरोप के साथ चल रहा अधिवक्ताओं का प्रदर्शन शुरू होने के तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान गुरूवार को अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें मांगपत्र देकर शिकायत करने के साथ ही सैदपुर तहसील में माइक व साउंड के साथ प्रदर्शन कर उन्होंने जमकर नारेबाजी की। मंगलवार को अधिवक्ताओं ने तहसील में भ्रष्टाचार व्याप्त होने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू किया था। आरोप लगाया था कि तहसील के विभिन्न पटलों पर कई वर्षों से एक ही कर्मी जमे हुए हैं, साथ ही नामांतरण वाद दाखिल करते समय क्रेता विक्रेता का मोबाइल नंबर नहीं लिए जाने, विभिन्न मामलों के लिए 1 हजार से 25 हजार रूपए तक लेने आदि का आरोप लगाते हुए 7 सूत्रीय प्रस्ताव पारित किया था। उन्होंने तहसील में निजी कर्मियों की तैनाती कर उनसे उगाही कराने, उन कर्मियों द्वारा पत्रावलियों से छेड़छाड़, लेखपालों व कानूनगो द्वारा पैमाइश के नाम पर रूपए लेने आदि का भी आरोप लगाया था। उनके प्रदर्शन को देख सीओ भी समझाने पहुंचे थे लेकिन अधिवक्ता नहीं माने थे। बुधवार के अवकाश के बाद गुरूवार को तहसील खुला तो अधिवक्ता धरने पर बैठे और माइक से जोरदार नारेबाजी करते हुए मुर्दाबाद आदि के नारे लगाने लगे। उधर अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला और उक्त 7 सूत्रीय पत्रक सौंपकर कार्यवाही की मांग की। पत्रक देने के बाद गुरूवार की दोपहर 2 बजे प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि जिलाधिकारी ने इसमें रूचि ली और हमारी समस्याओं को सुनने के बाद भरोसा देकर कहा कि वो सभी समस्याओं को हल कराएंगे। कहा कि डीएम से मिलते समय अन्य प्रतिनिधिमंडल भी वहां सहयोग के लिए आ गए थे। इस बाबत अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि अभी धरना खत्म नहीं हुआ है। बार एसोसिएशन के निर्णय के बाद ही ठोस कदम उठाया जाएगा। इस मौके पर विनीत सिंह, जयप्रकाश सिंह यादव, रमेश सिंह, रामलक्षन सिंह मुर्तजी अहमद, विनोद सिंह, विनोद चौबे, अमरनाथ राम, जयप्रकाश, चंदन आदि रहे।

