सैदपुर : कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने आया पुणे निवासी युवक पक्का घाट पर गंगा में डूबा, घंटों बाद भी नहीं लगा पता

सैदपुर। नगर के पक्का घाट पर कार्तिक पूर्णिमा पर्व पर गंगा स्नान करने की लालसा रखने वाला युवक गंगा में डूब गया। जिसके बाद परिजनों में हाहाकार मच गया। मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज मनोज पांडेय ने स्थानीय गोताखोंरों की मदद से उसकी तलाश कराई लेकिन घंटों तलाश के बावजूद उसका पता नहीं लगा। इधर घटना का पता चलते ही मौके पर सीओ रामकृष्ण तिवारी व तहसीलदार हिमांशु सिंह सहित नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुभाष सोनकर, सभासद प्रतिनिधि बृजेश वर्मा, सभासद द्वय हिमांशु सोनी व कुलदीप निषाद भी पहुंचे। इसके बाद उसकी तलाश के लिए एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया है। भीमापार के राजापुर गांव निवासी 20 वर्षीय टोनी विश्वकर्मा पुत्र अरविन्द विश्वकर्मा अपने परिवार के साथ महाराष्ट्र के पुणे में रहकर फर्नीचर का काम करता था। वो महापर्व छठ में शामिल होने के लिए बीते 26 अक्टूबर को गांव आया था और तभी से अपने दादा श्रीराम विश्वकर्मा के साथ रह रहा था। छठ बीतने के बावजूद वो देव दीपावली का आयोजन देखने के लिए रूका हुआ था। इस बीच कार्तिका पूर्णिमा पर्व पर गंगा स्नान के लिए अपने पड़ोसी विजय कन्नौजिया सहित दोस्त विनय, विकास, संदीप आदि के साथ नगर के पक्का घाट पर आया था। यहां स्नान के दौरान वो गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। गंगा में बहाव तेज होने के चलते टोनी पानी में डूबने व उतराकर बहने लगा। उसे पानी में अंदर जाता व बाहर आता देखकर उसके साथियों को लगा कि वो पानी में स्टंट कर रहा है। लेकिन पड़ोसी विजय को समझ में आ गया कि वो डूब रहा है तो वो उसे बचाने को कूदा और उसे पकड़ने लगा। लेकिन पकड़ने के दौरान वो भी डूबने लगा। जिसके बाद किसी तरह बचकर वो बाहर निकला। इधर टोनी पानी में डूब गया। जिसके बाद दादा व पड़ोसियों को सूचना मिली तो वो रोते बिलखते पहुंचे। इधर सूचना पाकर मौके पर सीओ आरके तिवारी, तहसीलदार हिमांशु सिंह, नपं अध्यक्ष प्रतिनिधि सुभाष सोनकर आदि पहुंचे। चौकी इंचार्ज ने उसकी तलाश शुरू कराई लेकिन बुधवार की शाम 4 बजे उसका कोई पता नहीं चल सका, जिसके चलते एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया है। अब उनके द्वारा ही तलाश की जाएगी। 3 भाईयों में टोनी बीच का था। उसके डूबने की सूचना मिलते ही पुणे में उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वहां से लोग रवाना हो गए हैं। घटना के बाद मां निशा सहित भाई निशांत, निखिल आदि का रो-रोकर बुरा हाल था।


