जिले में 200 अतिरिक्त मॉडल सीआई का हुआ शुभारंभ, 200 से बढ़कर 400 हुई संख्या, सीएमओ ने किया निरीक्षण





गोरखपुर। जिले में 200 अतिरिक्त मॉडल सीआई वीएचएसएनडी की शुरुआत हो गयी है। अब जिले में मॉडल सीआई वीएचएसएनडी/यूएचएसएनडी की संख्या 400 से अधिक हो गई है। सीएमओ डॉ राजेश झा ने कैम्पियरगंज के शिवपुर कर्महा में मॉडल सत्र का शनिवार को निरीक्षण किया और अधिकारियों को गुणात्मक सेवाएं देने का निर्देश दिया। इस दौरान सीएमओ ने गर्भवती की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया। सीएमओ ने बताया कि जिले में पहले से 200 मॉडल सीआई वीएचएसएनडी/यूएचएसएनडी सक्रिय हैं। उनकी समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि मॉडल सीआई वीएचएसएनडी/यूएचएसएनडी के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि जिले में करीब तीन हजार सीआई वीएचएसएनडी और सीआई यूएचएसएनडी सत्रों का आयोजन किया जाता है। इनमें से करीब 200 सत्रों को मॉडल के तौर पर लिया गया था। समीक्षा के दौरान पाया गया कि इन मॉडल सत्रों के जरिये मातृ शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, नियमित टीकाकरण, परिवार नियोजन सेवाओं और आभा आईडी सृजन सहित विभिन्न संकेतांकों में गुणात्मक सुधार हुआ है। सीएमओ ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोगात्मक पर्यवेक्षण में भी पाया गया कि प्रसव पूर्व चार जांचों, नियमित टीकाकरण, बॉस्केट ऑफ च्वाइस, बुलावा पर्ची के इस्तेमाल, आईईसी की उपलब्धता, जांच संबंधी गोपनीयता और सत्र स्थल पर फंक्शनल शौचालयों के मामले में स्थिति सुधरी है। इसे देखते हुए जिले के 200 अतिरिक्त सत्रों को शामिल करने का फैसला लिया गया। विभाग का प्रयास है कि दिसम्बर के अंत तक जिले के कुल सत्रों में से कम से कम पचास प्रतिशत सत्रों को मॉडल बना दिया जाए। सीएमओ ने बताया कि मॉडल सीआई वीएचएसएनडी व सीआई यूएचएसएनडी का लक्ष्य शत प्रतिशत प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण, परिवार नियोजन सेवाएं, अति कुपोषित बच्चों का प्रबन्धन, ई-कवच कवरेज, आभा आईडी सृजन, आयुष्मान भारत योजना कार्ड का सृजन, टीबी मुक्त अभियान, गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग और लाभार्थी केंद्रित परामर्श सेवा उपलब्ध कराना है।



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